Friday 25 June 2010

चलो अब हम भी ब्लॉग लिखेंगे

खुद का ही स्वागत है, कई दिनों से मित्रो के ब्लॉग पर उनकी भड़ास और छपास का मज़ा उठाते-उठाते आज खुद ही ब्लोगिया रहा हूँ.... कई बार, कई विचार मंचों (ब्लोगों) पर कुछ अजीब से सवाल टकरा जाते हैं.... इनका जवाब देने के लिए टिप्पणी का बक्सा छोटा लगता है ऐसे में आज अपना ही पिटारा खोल लिया है... अब कोई स्वागत तो करने वाला है नहीं, सो खुद को ही वेलकम कर लेता हूँ... शेष शुभम... अब तो रोजे मुलाकात या कहिये मुक्का-लात होगी... फ़िलहाल चर्चा फैला दीजिये... लईका ब्लोगी हो गया......जे बात.....